
भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा है। उद्यम पोर्टल पर 28 फरवरी 2026 तक 3.07 करोड़ से अधिक महिलाओं के नेतृत्व वाली इकाइयां पंजीकृत हो चुकी हैं। यह जानकारी संसद में सोमवार को सरकार ने दी।
राज्यसभा में लिखित प्रश्न के जवाब में लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म के आंकड़ों के अनुसार कुल 3,07,42,621 महिला नेतृत्व वाली इकाइयां पंजीकृत हैं।
सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना शुरू की है, जो क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के माध्यम से चलाई जाती है। इस योजना में बिना गिरवी या तीसरे पक्ष की गारंटी के ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं। महिला इकाइयों को 90 प्रतिशत तक गारंटी कवरेज और 10 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ मिलता है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जाती है। आधुनिक उपकरणों का उपयोग, ई-कॉमर्स पर उत्पाद सूचीबद्धन और ब्रांडिंग में मदद भी प्रदान की जाती है।
पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार के लिए एसएफयूआरटीआई योजना क्लस्टर आधारित कार्यक्रम चलाती है। इसमें क्षमता निर्माण, डिजिटल मार्केटिंग, मूल्य श्रृंखला विकास, जागरूकता सत्र, तकनीकी प्रशिक्षण, उत्पाद डिजाइन, एक्सपोजर विजिट और प्रौद्योगिकी उन्नयन शामिल हैं।
इन योजनाओं से महिला उद्यमिता को मजबूत बल मिला है। 3 करोड़ से अधिक पंजीकरण देश की आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हैं।