
सोशल मीडिया पर तेजी से फैली खबरों ने टेक महिंद्रा के लाखों कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया था। दावा किया गया कि कंपनी 30,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। लेकिन आईटी क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हुए इन अफवाहों को पूरी तरह गलत ठहराया।
कंपनी ने कहा कि कुछ कॉल और एक्स प्लेटफॉर्म पर वायरल पोस्ट के जरिए ऐसी अटकलें फैलाई जा रही थीं। हमने खुद स्पष्ट करना जरूरी समझा कि कोई भी बड़े पैमाने पर छंटनी की योजना विचाराधीन नहीं है।
दुनिया भर में 1.5 लाख कर्मचारियों वाली टेक महिंद्रा हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के साथ एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म लॉन्च कर चुकी है। यह टेलीकॉम और एंटरप्राइज क्षेत्रों में डेटा आधुनिकीकरण को गति देगा।
पिछली तिमाही में भी कंपनी ने ऐसी ही अफवाहें खारिज की थीं। उत्पादकता बढ़ाने के लिए फिक्स्ड प्राइस प्रोजेक्ट्स से कर्मचारियों को नए प्रोजेक्ट्स में स्थानांतरित किया जा रहा है।
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई का नौकरियों पर असर उतना बुरा नहीं होगा। कुछ कार्य ऑटोमेट होंगे, लेकिन कर्मचारी नए क्षेत्रों में शिफ्ट हो जाएंगे। कई नई नौकरियां अभी अस्तित्व में नहीं हैं।
हालांकि, टेक जगत में चेतावनियां हैं। व्हाइट-कॉलर जॉब्स 12-18 महीनों में ऑटोमेशन का शिकार हो सकती हैं। ओरेकल 20-30 हजार कटौती कर रही है, अमेजन ने 16 हजार छोड़े।
टेक महिंद्रा की यह सफाई बाजार में भरोसा बहाल करती है। आईटी सेक्टर में स्थिरता का संदेश देती है।