
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और शोध-आधारित शिक्षा के केंद्र बनाने की अपील की है। बजट के बाद आयोजित वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर जोर दिया।
एवीजीसी क्षेत्र यानी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर पीएम ने बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से अग्रसर है।
संस्थानों को उद्योगों के साथ साझेदारी बढ़ानी चाहिए ताकि छात्रों को वास्तविक अनुभव मिले। संस्थान, उद्योग और शिक्षाविदों के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। इन चर्चाओं से विकसित भारत का मजबूत रोडमैप बनेगा।
देश के युवाओं की बदलती सोच सबसे बड़ी पूंजी है। इसके अनुरूप शिक्षा प्रणाली को ढालना होगा। नई शिक्षा नीति पाठ्यक्रम को बाजार की मांग के अनुकूल बनाने का आधार देती है, विशेषकर एआई, ऑटोमेशन और डिजिटल क्षेत्रों में।
शिक्षा को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की गति तेज करनी होगी। एसटीईएम क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी पर गर्व है। सरकार बेटियों को भविष्य की तकनीकों में बराबरी का अवसर देगी।
मजबूत शोध पारिस्थितिकी तंत्र बनाना जरूरी है जहां युवा शोधकर्ता बिना रुकावट नई खोज करें। ऐसा माहौल बने जहां नए विचारों पर खुलकर काम हो सके।