
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने कमाल कर दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट पर 255 रन ठोके। इस पारी में 18 छक्के और 19 चौके सहित कुल 37 बाउंड्री लगीं, जो फाइनल मैच का नया रिकॉर्ड है।
अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने सलामी जोड़ी में 7.1 ओवर में 98 रन जोड़े। अभिषेक 21 गेंदों पर 9 बाउंड्री के साथ 52 रन बनाकर आउट हुए। फिर संजू ने ईशान किशन के साथ 48 गेंदों में 105 रन की साझेदारी कर स्कोर 200 के पार पहुंचाया।
संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 8 छक्के और 5 चौके जड़कर 89 रन बनाए। ईशान किशन 25 गेंदों में 4-4 छक्के-चौके के साथ 54 रन पर नाबाद रहे। अंत में शिवम दुबे ने 8 गेंदों में 5 बाउंड्री से 26* रन जोड़कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
विपक्षी टीम की ओर से जेम्स नीशम ने 3 विकेट लिए, जबकि मैट हेनरी और रचिन रवींद्र को एक-एक सफलता मिली। टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में इससे पहले कभी इतनी बाउंड्री या छक्के नहीं लगे। 2007 में श्रीलंका के 41 बाउंड्री ग्रुप स्टेज की बात है, जबकि भारत का 2026 सेमीफाइनल में 37 बाउंड्री का रिकॉर्ड अब फाइनल में टूट गया।
यह पारी टी20 क्रिकेट की नई मिसाल है, जो भारत की आक्रामक बल्लेबाजी का प्रतीक बनी। अब विरोधी टीम के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य है।