
बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। रविवार को दो मुख्य आरोपी अर्जुन कुमार और रणधीर कुमार को गिरफ्तार किया गया। ये अपराधी निवेश के नाम पर ऊंचा मुनाफा देने का लालच देकर और फर्जी ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए देश के कई राज्यों में लोगों को लूट रहे थे।
रामपुरहरि थाना क्षेत्र के सलेमापुर और गोरिगामा टोला में गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम ने छापा मारा। रंगे हाथों पकड़े गए दोनों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे लंबे अर्से से इस गोरखधंधे में लिप्त थे।
गिरोह का तरीका बेहद चालाकी भरा था। वे बिहार से बैठकर विभिन्न राज्यों के सैकड़ों लोगों के बैंक खातों में सेंधमारी कर रहे थे। अब तक दर्जन भर से ज्यादा राज्यों के लोग इनके शिकार हो चुके हैं।
छापे में नौ स्मार्टफोन, 14 डेबिट कार्ड, पासबुक, 11 चेकबुक, लैपटॉप, पैन-आधार कार्ड और पांच नकली मुहरें बरामद हुईं। ये सामान फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और और भी सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। आम जनता से अपील है कि ऑनलाइन निवेश या गेमिंग के नाम पर आने वाले संदिग्ध ऑफर से सावधान रहें। यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ बिहार पुलिस की मजबूत रणनीति को दर्शाती है।