
अगरतला। त्रिपुरा विश्वविद्यालय के सूर्यमणिनगर परिसर में रविवार को आयोजित 14वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शिरकत की। समारोह से पूर्व उन्होंने माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने देश के निर्माण में योगदान देने, समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
उपराष्ट्रपति ने ‘माताबारी पर्यटन सर्किट’ की सराहना की, जो त्रिपुरा को आध्यात्मिक और पर्यावरणीय पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाएगा। इससे रोजगार सृजन होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है।
समारोह में राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री प्रो. माणिक साहा, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, कुलपति प्रो. श्यामल दास, रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार सिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय अधिकारी के अनुसार, 2024 और 2025 के दीक्षांत समारोह नहीं हुए थे। इस दौरान 283 छात्रों को स्वर्ण पदक और 149 शोधकर्ताओं को पीएचडी डिग्री प्रदान की गई।
इससे पहले 7 मार्च को उपराष्ट्रपति ने मिजोरम विश्वविद्यालय के समारोह को संबोधित किया। नागालैंड विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के बाद आइजोल पहुंचे, जहां लेंगपुई हवाई अड्डे पर राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह, शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने स्वागत किया।