
नई दिल्ली, 8 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर केंद्र सरकार की उन विशेष योजनाओं पर नजर डालते हैं, जो केवल महिलाओं और बालिकाओं के लिए हैं। इनमें आकर्षक ब्याज दरें और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर शामिल हैं, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत 2015 में शुरू सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का मजबूत माध्यम है। इसमें 8.2 प्रतिशत की सर्वोच्च ब्याज दर मिलती है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह जैसे खर्चों के लिए बचत को प्रोत्साहित करती है। यह योजना परिवारों को लड़कियों की उज्ज्वल भविष्य की योजना बनाने के लिए प्रेरित करती है।
बेटी के जन्म से 10 वर्ष की आयु तक कोई भी डाकघर या अधिकृत बैंक में खाता खोला जा सकता है। प्रति बालिका एक खाता, परिवार में अधिकतम दो (जुड़वां भाई-बहनों के लिए छूट)। खाता पूरे देश में ट्रांसफर योग्य है। 18 वर्ष तक अभिभावक संचालित करते हैं, उसके बाद बालिका स्वयं।
खाता खोलने के लिए फॉर्म, जन्म प्रमाण पत्र, आधार और पैन/फॉर्म 60 जरूरी।
महिला सम्मान बचत पत्र योजना महिलाओं को 2 लाख तक निवेश का सुरक्षित विकल्प देती है, जिसमें 7.5 प्रतिशत ब्याज के साथ दो वर्ष बाद मूलधन और ब्याज दोनों मिलते हैं।
ग्रामीण महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्त और संसाधन प्रदान कर सालाना एक लाख की आय सुनिश्चित करती है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने 10 करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी देकर धुंधले चूल्हों से मुक्ति दिलाई, स्वास्थ्य सुधारकर समय बचाया।
ये योजनाएं महिला सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं।