
पश्चिम मिदनापुर, 8 मार्च। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए बंगाल के आदिवासी समाज से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात इतने खराब हैं कि जनता राष्ट्रपति शासन की मांग कर रही है। कुछ लोग एसआईआर के बहाने इसे टाल रहे हैं, लेकिन सरकार का कार्यकाल समाप्त होते ही राष्ट्रपति शासन अपने आप लागू हो जाएगा। इसके बाद चुनाव होंगे, जो जनता की इच्छा है।
नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के स्थान परिवर्तन विवाद के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हुए कथित अपमान पर सिन्हा ने कहा कि यह संविधान का मजाक है। बंगाल की परंपराओं के विरुद्ध है। राष्ट्रपति आदिवासी समुदाय से हैं, इसलिए ममता ने ऐसा किया। उनके बाद के बयानों से आदिवासी समाज का अपमान सिद्ध होता है। मैं आदिवासियों से निवेदन करता हूं कि इस अपमान के खिलाफ जागें और सरकार को सत्ता से हटाएं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर टीएमसी को प्रोटोकॉल उल्लंघन का दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि यह अराजकता की नई ऊंचाई है, जो भ्रष्टाचार को उजागर करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शर्मनाक बताया और आदिवासी सशक्तीकरण के समर्थकों की निराशा व्यक्त की।
यह विवाद बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे सकता है, जहां आदिवासी वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाएगा। सिन्हा का यह आह्वान विपक्ष की रणनीति का हिस्सा लगता है।