
डोवर एयर फोर्स बेस पर एक गंभीर समारोह में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से तनाव के बीच कुवैत में ड्रोन हमले से मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। अमेरिकी ध्वज में लिपटे इन वीरों को ट्रंप ने सलामी दी, जो 1 मार्च की घटना का हिस्सा थे।
ट्रंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:09 बजे फ्लाइट लाइन पर पहुंचे। नेवी सूट, लाल टाई और ‘यूएसए’ कैप पहने हुए उन्होंने प्रत्येक ट्रांसफर केस को सल्यूट किया। समारोह 3:41 बजे समाप्त हुआ। मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस व उनकी पत्नी उषा, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जनरल डैन केन उनके साथ थे।
व्हाइट हाउस चीफ सूजी विल्स, स्टीव विटकॉफ, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी, खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, आर्मी सचिव डैन ड्रिस्कॉल और जनरल रैंडी जॉर्ज भी उपस्थित रहे। सीनेटर लिसा ब्लंट रोचेस्टर, जोनी अर्न्स्ट, डेब फिशर, पीट रिकेट्स तथा गवर्नर रॉन डेसेंटिस, जिम पिलेन और किम रेनॉल्ड्स ने परिवारों से संवेदना जताई।
शहीद सैनिक मेजर जेफरी आर. ओ’ब्रायन (आयोवा), कैप्टन कोडी ए. खोर्क (फ्लोरिडा), सीडब्ल्यूओ3 रॉबर्ट एम. मार्जन (कैलिफोर्निया), एसएफसी निकोल एम. अमोर (मिनेसोटा), एसएफसी नोआ एल. टिटजेंस (नेब्रास्का) और सर्जेंट डेक्लान जे. कोडी (आयोवा) थे। ये ज्यादातर आयोवा के 103 सस्टेनमेंट कमांड से थे।
डोवर बेस शहीदों की घर वापसी का केंद्र है। ट्रांसफर केस ताबूत नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यह प्राचीन परंपरा नेताओं व परिवारों को एकजुट कर वीरता को सलाम करती है, जो मध्य पूर्व नीतियों पर बहस छेड़ रही है।