
बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने वैशाली के लालगंज थाने में तैनात दारोगा सुमन झा को सेवा से बर्खास्त कर दिया। उन पर सोने-चांदी के जेवर और 15 लाख रुपये नकद गबन करने के साथ रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सिद्ध हुए। इस कार्रवाई ने पुलिस हलकों में सनसनी फैला दी है।
पूर्व में मुजफ्फरपुर के शिवहरापट्टी थाने में पदस्थापित सुमन झा 2024 में निगरानी विभाग के जाल में फंस गए थे। शिकायतकर्ता पवन कुमार ने पटना के निगरानी ब्यूरो में दर्ज शिकायत के आधार पर 4 सितंबर 2024 को उन्हें 11 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेजा गया।
जमानत के बाद वैशाली ट्रांसफर होने पर भी विभागीय जांच जारी रही। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोज सिंह की रिपोर्ट ने रिश्वतखोरी की पुष्टि की। इसी क्रम में लालगंज में डकैती आरोपी के घर छापे में बरामद 1.5 किलो सोना व नकदी के गबन का खुलासा हुआ। थानाध्यक्ष समेत अन्य निलंबित हो चुके थे।
7 मार्च 2026 को डीआईजी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। यह कदम पुलिस की छवि सुधारने और भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। बिहार में अब साफ-सुथरी पुलिसिंग की उम्मीद जगी है।