
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर नजर रखी हुई है। खासतौर पर उन भारतीय यात्रियों की सुरक्षा पर जो पारगमन या छोटी यात्राओं के दौरान फंस गए हैं। सरकार ने सभी प्रभावितों के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीयों से अपील है कि स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपने नजदीकी भारतीय दूतावास या कांसुलेट की सलाह मानें। हर मिशन ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं और 24×7 हेल्पलाइन शुरू की हैं, जो वर्तमान परिस्थितियों में सहारा दे रही हैं।
मंत्रालय ने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों के सवालों का जवाब देने के लिए विशेष कंट्रोल रूम भी गठित किया है, जो निरंतर निगरानी कर रहा है।
हाल के दिनों में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुले हैं, जिससे भारतीय और विदेशी विमानन कंपनियां उड़ानें चला रही हैं, जिनमें विशेष चार्टर्ड फ्लाइट्स भी शामिल हैं। 1 से 7 मार्च 2026 तक 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं, जिसमें 32,107 ने भारतीय एयरलाइंस का सहारा लिया। आगे और उड़ानों की योजना है।
जहां व्यावसायिक उड़ानें नहीं हैं, वहां दूतावासों से संपर्क कर निकटतम विकल्पों की जानकारी लें।
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। वह क्षेत्रीय सरकारों के साथ मिलकर हर जरूरी मदद मुहैया करा रही है।