
ईरान और हिजबुल्लाह के साथ तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार रात के एक गुप्त अभियान की घोषणा की। यह ऑपरेशन 40 साल पहले लेबनान में लापता हो चुके वायुसेना नाविक रॉन अराद को खोजने का था।
एक्स पर पोस्ट करते हुए नेतन्याहू ने कहा, ‘हमारे वीर सैनिकों ने कल रात विशेष मिशन पर प्रस्थान किया। इसका लक्ष्य लगभग 40 वर्ष पूर्व लेबनान में बंदी बने जवान रॉन अराद को ढूंढना और घर लाना है।’ उन्होंने वर्षों की अथक कोशिशों का जिक्र किया।
इजरायली सेना ने पूर्वी लेबनान के नबी चित कस्बे के कब्रिस्तान में खुदाई की। हिजबुल्लाह से जंग और निकासी आदेशों से मिली खुफिया जानकारी पर आधारित यह रात भर चला। उद्देश्य अराद के शव को बरामद करना था, जो 1986 में मिशन के दौरान विमान दुर्घटना में लापता हुए।
अराद का अपहरण लेबनान के ऊपर उड़ान के दौरान हुआ। पायलट बच गया, लेकिन अराद को अमल गुट ने पकड़ लिया। उसके बाद उनका पता ठहरा नहीं।
आईडीएफ ने पुष्टि की कि ऑपरेशन में कोई नुकसान नहीं हुआ, न गोलीबारी हुई। ‘हम अपने सभी लापता और शहीद सैनिकों को वापस लाने के लिए कटिबद्ध हैं,’ सेना ने कहा।
वहीं लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि इजरायली हमलों में 16 की मौत, 35 घायल। यह ऑपरेशन इजरायल की दृढ़ता का प्रतीक है, जो समय की कसौटी पर खरा उतरता दिखा।