
वॉशिंगटन। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए आपातकालीन आयात शुल्क को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द करने के बाद सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी (सीबीपी) ने टैरिफ रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नया सिस्टम विकसित करने की घोषणा की है। यह सिस्टम लगभग 45 दिनों में चालू हो सकता है।
सीबीपी के ट्रेड पॉलिसी और प्रोग्राम्स निदेशालय के कार्यकारी निदेशक ब्रैंडन लॉर्ड ने अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय में दाखिल दस्तावेज में बताया कि आपातकालीन टैरिफ कार्यक्रम से 3.30 लाख से अधिक आयातकों से करीब 166 अरब डॉलर वसूले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को इन शुल्कों को अवैध घोषित कर दिया, लेकिन रिफंड की प्रक्रिया पर स्पष्ट निर्देश नहीं दिए।
मौजूदा व्यवस्था में रिफंड पूरा करने में 44 लाख से अधिक मानव-घंटे लग सकते हैं, जो प्रक्रिया को बेहद जटिल बनाता है। नया सिस्टम आयातकों से न्यूनतम कागजी कार्रवाई मांगेगा, जिससे यह तेज और आसान हो जाएगा।
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वैकल्पिक कानूनी आधारों पर 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू कर दिए हैं, जिन्हें 15 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। यूएसटीआर प्रमुख जैसमीन ने धारा 301 के तहत प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर जांच शुरू करने की बात कही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दक्षिण कोरिया ने अपने नागरिकों की निकासी की तैयारी तेज कर दी है। अबू धाबी से एतिहाद एयरवेज का 290 सीटों वाला चार्टर्ड विमान रविवार दोपहर को यूएई से कोरियाई नागरिकों को लेकर रवाना हुआ। यह घटनाक्रम व्यापार नीतियों और वैश्विक अस्थिरता के बीच संबंध को रेखांकित करता है।