
काठमांडू में प्रतिनिधि सभा चुनाव की वोटिंग गुरुवार शाम को संपन्न हो गई। निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि देर रात से शुरू हो रही मतगणना के 24 घंटे के अंदर 165 सीधे निर्वाचन क्षेत्रों (एफपीटीपी) के परिणाम जारी कर दिए जाएंगे। पहाड़ी इलाकों से मतपेटियां लाने में देरी के कारण शेष 110 आनुपातिक सीटों के नतीजे बाद में आएंगे।
77 जिलों के 23 हजार मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान चला। कुल 1 करोड़ 89 लाख से अधिक पंजीकृत वोटरों में पुरुषों की संख्या 96 लाख से ऊपर, महिलाओं की 92 लाख और अन्य 200 हैं। कार्यवाहक मुख्य आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने 65 प्रतिशत से अधिक मतदान होने का अनुमान लगाया है।
यह चुनाव 2025 के जेन-जी आंदोलन के बाद पहला है, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई और 84 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ। तत्कालीन पीएम केपी ओली ने इस्तीफा दे दिया। सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार ने स्थिरता लौटाई और नए चुनाव कराए।
उम्मीदवारों में 41 साल से अधिक उम्र वाले प्रमुख हैं, 1925 41-60 वर्ष के, 425 वरिष्ठ और मात्र 201 30 साल से कम आयु के। पिछले चुनावों में 2013 में 78.34%, 2017 में 68.67% और 2022 में 61.63% मत पड़े। अब नतीजों का इंतजार, जो नेपाल की राजनीति की दिशा तय करेंगे।