
उत्तराखंड के चमोली जिले में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ने महिलाओं के जीवन में नया आयाम जोड़ दिया है। इस योजना के तहत सैकड़ों महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। अब वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की आर्थिक कमर मजबूत कर रही हैं।
योजना में जूट बैग बनाने, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद तैयार करने की ट्रेनिंग दी जाती है। 200 से ज्यादा महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा कर स्वयं सहायता समूहों या व्यक्तिगत रूप से व्यवसाय शुरू किए हैं। बाजार में इन उत्पादों की डिमांड बढ़ रही है, जिससे नियमित आय हो रही है।
लाभार्थी सीमा नेगी बताती हैं कि मुफ्त सिलाई प्रशिक्षण से उन्होंने जूट बैग, सूट और ब्लाउज सिलना सीखा। ‘ग्रामीण क्षेत्रों में यह सराहनीय प्रयास है। अब हम किसी पर निर्भर नहीं, खुद कमाते हैं।’
प्रशिक्षण में उत्पाद गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग की बारीकियां भी सिखाई जाती हैं। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। परिवार व समाज में उनकी भूमिका मजबूत हो गई।
सरकार की यह पहल पहाड़ी इलाकों में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। चमोली मॉडल अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगा।