
नई दिल्ली में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हृदयविदारक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में 86 वर्षीय खामेनेई शहीद हो गए, जिससे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया।
मिस्री ने राजधूत मोहम्मद फथाली से भेंट कर संवेदनाएं दीं और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। दूतावास ने 5, 6 मार्च तथा 9 मार्च को पुस्तिका खोलने की घोषणा की, ताकि भारतीय नागरिक और राजनयिक अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकें।
1989 से ईरान के शीर्ष नेता रहे खामेनेई के साथ रक्षा मंत्री, आईआरजीसी प्रमुख समेत वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए। उनके परिवार में बहू, नातिन और पत्नी की भी असमय मृत्यु हो गई।
हमले के बाद तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर प्रहार किए। गुरुवार को अजरबैजान पर ड्रोन हमले हुए, जिसमें हवाई अड्डा व स्कूल निशाना बने। दो लोग घायल हुए, जिसके बाद ईरानी राजदूत को तलब किया गया।
ईरानी मीडिया ने शहादत की पुष्टि कर 40 दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित किया। मिस्र में दूतावास पर शोक सभा उमड़ी। भारत की यह पहल क्षेत्रीय शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।