
ब्रह्मांड के रहस्यों से भरी हमारी आकाशगंगा का केंद्र अब कान से महसूस किया जा सकता है। नासा के वैज्ञानिकों ने डेटा सोनिफिकेशन तकनीक से डिजिटल सूचनाओं को ध्वनि में बदल दिया है, जिससे 26,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित सुपरमैसिव ब्लैक होल सैजिटेरियस ए स्टार* की दुनिया जीवंत हो उठी है। इस ब्लैक होल का द्रव्यमान 40 लाख सूर्यों के बराबर है और यह 400 प्रकाश वर्ष विस्तृत क्षेत्र में तारों का जन्म, विस्फोट और चमकते गैस-धूल बादलों का केंद्र है।
सोनिफिकेशन प्रक्रिया इमेज को बाएं से दाएं स्कैन करती है। स्रोतों की स्थिति से नोट्स और चमक से वॉल्यूम तय होता है। तारे अलग-अलग स्वर छेड़ते हैं, कॉम्पैक्ट वस्तुएं तीखे ध्वनि पैदा करती हैं, जबकि गैस बादल ड्रोन जैसी निरंतर ध्वनि उत्पन्न करते हैं। सबसे चमकीले हिस्से पर पहुंचते ही ध्वनि क्रेसेंडो में बदल जाती है, जो सैग ए* का ठिकाना है।
यह ध्वनि चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी, हबल और स्पिट्जर टेलीस्कोपों के डेटा से बनी है। चंद्रा गर्म गैस और ब्लैक होल की ऊर्जा कैद करता है, हबल तारों के जन्म वाले क्षेत्र दिखाता है, स्पिट्जर इंफ्रारेड में धूल की संरचनाएं उजागर करता है। उपयोगकर्ता इन्हें अलग-अलग या एक साथ सुन सकते हैं।
प्रोजेक्ट में कैसियोपिया ए के सुपरनोवा अवशेष और मेसियर 16 के पिलर्स ऑफ क्रिएशन की भी सोनिफाइड ध्वनियां शामिल हैं। यह नेत्रहीनों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। नासा का यूनिवर्स ऑफ साउंड प्रोजेक्ट विज्ञान को सभी के लिए सुलभ बनाता है, जिसमें किम्बर्ली आर्कैंड, मैट रूसो और एंड्रयू सांतागुइडा की टीम का योगदान है।
मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर प्रबंधन करता है, चंद्रा एक्स-रे सेंटर संचालन। यह साइंस एक्टिवेशन प्रोग्राम का हिस्सा है जो हर उम्र को ब्रह्मांड की सुंदरता से जोड़ता है।