
भारत का ऑटोमोबाइल बाजार फरवरी में धमाकेदार प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ा। रिटेल वाहन बिक्री सालाना आधार पर 25.62 प्रतिशत चढ़कर 24.09 लाख यूनिट पर पहुंच गई, जो पिछले साल के फरवरी के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (एफएडीए) ने गुरुवार को यह आंकड़े जारी किए, जो बाजार की मजबूत सेहत को दर्शाते हैं।
लगभग सभी सेगमेंट्स में शानदार वृद्धि हुई। दोपहिया वाहनों में 25.02 प्रतिशत, तिपहिया में 24.39 प्रतिशत, पैसेंजर वाहनों में 26.12 प्रतिशत और कमर्शियल वाहनों में 28.89 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। ट्रैक्टर बिक्री तो 36.35 प्रतिशत उछली, जबकि कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में हल्की 1.22 प्रतिशत गिरावट आई।
दोपहिया बिक्री 17,00,505 यूनिट, पैसेंजर वाहन 3,94,768 यूनिट और कमर्शियल वाहन 1,00,820 यूनिट रहे। ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर वाहनों की मांग 34.21 प्रतिशत बढ़ी, जो शहरी बाजार के 21.12 प्रतिशत से कहीं अधिक है। अच्छी फसल, नकदी प्रवाह, आकर्षक योजनाएं और जीएसटी 2.0 ने इसे संभव बनाया।
एफएडीए के मुताबिक, मार्च में 75.51 प्रतिशत डीलर बिक्री वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। सरकारी नीतियों से उपजा विश्वास अब खरीदारी में बदल रहा है। ग्रामीण मांग छोटी गाड़ियों को बढ़ावा दे रही है, भले एसयूवी का दबदबा बरकरार है। यह उछाल आर्थिक गतिविधियों की मजबूती का प्रमाण है।