
पटना, 5 मार्च। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से ठीक पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को पटना के प्रसिद्ध काली माता, महावीर और हनुमान मंदिरों में गहन पूजा-अर्चना की। पार्टी ने बिहार से उन्हें राज्यसभा के लिए प्रत्याशी घोषित किया है, जो उनकी राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
मंदिरों से बाहर निकलते हुए नितिन नवीन ने पत्रकारों से कहा, ‘ईश्वर जीवन के प्रत्येक क्षण में हमारे साथ होते हैं। महावीर हनुमान मंदिर मेरे जीवन का विशेष हिस्सा है। आज मेरे लिए नई शुरुआत है। हम भाजपा के हर निर्णय के साथ कदम मिलाकर चलते हैं।’
उन्होंने अपनी प्रार्थना के बारे में विस्तार से बताया, ‘काली मंदिर और महावीर मंदिर में दर्शन किए। मां काली, भगवान शिव तथा हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। भगवान से प्रार्थना की कि वे मुझे वह शक्ति दें, जिससे अब तक की यात्रा की तरह आगे भी उसी भावना से बढ़ सकूं।’
बिहार से अपने गहरे लगाव को व्यक्त करते हुए नितिन नवीन बोले, ‘बिहार मेरे जीवन में अलग स्थान रखता है। मेरा क्षेत्र भी ऐसा ही है। व्यक्ति अपनी जड़ें छोड़कर कभी महान नहीं बन सकता। मजबूत जड़ें ही विशाल वटवृक्ष को मजबूत बनाती हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं इसे अपनी धरती मानता हूं। इस मिट्टी को सींचना, उसे हमेशा उपजाऊ रखना, यह मेरी आत्मा में बसा है। जीवन में जहां भी रहूं, मेरा बिहार और क्षेत्र हमेशा साथ रहेंगे।’
जानकारी के अनुसार, 16 मार्च को राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव होंगे। दस राज्यों से निर्वाचित 37 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। नामांकन की अंतिम तिथि आज है, जबकि 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
जिन राज्यों की सीटें रिक्त हो रही हैं, वे हैं महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना। भाजपा ने बिहार से नितिन नवीन व शिवेश कुमार, असम से तेरश गोवाला व जोगेन मोहन, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा से मनमोहन सामल व सुजीत कुमार तथा पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को मैदान में उतारा है।
नितिन नवीन का यह धार्मिक अनुष्ठान भाजपा की बिहार में मजबूत पकड़ को दर्शाता है।