
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि चेन शू ने 2 मार्च को सभी देशों से वैश्विक मानवाधिकार शासन में एकजुट होकर सुधार और प्रगति करने का आह्वान किया। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच बहुपक्षीयता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस वर्ष परिषद की स्थापना के 20 वर्ष और विकास के अधिकार संबंधी घोषणापत्र के 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं। लेकिन एकतरफावाद, संरक्षणवाद और वर्चस्व की लहरें तेज हो रही हैं। बहुपक्षवाद संकटों से जूझ रहा है, जबकि मध्य पूर्व की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र केंद्रित बहुपक्षीय व्यवस्था की रक्षा, शांति-सुरक्षा, विकास और मानवाधिकारों के तीनों आधारों का संतुलित प्रचार तथा शासन सुधार अब अत्यंत जरूरी हैं।
चेन शू ने कहा कि चीन वैश्विक शासन में मानवाधिकारों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षा के जरिए अधिकारों की रक्षा, शांतिपूर्ण माहौल निर्माण, जन-केंद्रित नीतियां, सभी अधिकारों का संतुलित विकास, समानता पर आधारित प्रगति और राजनीतिक टकराव त्यागने का आग्रह किया।
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना शुरू हो रही है और दो सत्र—सीपीपीसीसी तथा एनपीसी—का आयोजन होगा। पूर्ण प्रक्रिया लोकतंत्र को बढ़ावा देकर चीनी शैली के आधुनिकीकरण के लाभ सब तक पहुंचेंगे। चीन सभी देशों के साथ मानवाधिकारों के स्वस्थ विकास और साझा भविष्य समुदाय निर्माण के लिए सहयोग को तैयार है।