
महाराष्ट्र के कल्याण में पुलिस के भेष में ठगी करने वाले खतरनाक गिरोह का कोलसेवाडी पुलिस ने सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। 5 लाख रुपये की ठगी के इस सनसनीखेज मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से 2.36 लाख रुपये नकद, दो स्कॉर्पियो गाड़ियां और नौ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बाकी फरार सदस्यों की धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।
पुणे के वाघोली रहने वाले दीपक शिंदे को लालच दिया गया कि उनके 5 लाख के बदले 7 लाख रुपये (उच्च मूल्य के नोटों में) मिल जाएंगे। उन्हें कल्याण पूर्व के विठ्ठलवाडी रेलवे स्टेशन बुलाया गया। वहां पहुंचते ही नकली नोटों का नाटक शुरू हो गया। तभी एक स्कॉर्पियो से उतरकर तीन-चार लोग पुलिस बनकर पूछताछ करने लगे।
उन्होंने शिंदे के साथी को गाड़ी में बिठाया और 5 लाख से भरा थैला छीनकर भाग निकले। शिकायत पर कोलसेवाडी पुलिस ने क्राइम नंबर 103/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी से स्कॉर्पियो (एमएच-04-जीडी-7823) का पीछा किया गया।
पुराने पुणे हाईवे पर सोमाटणे फाटा टोल पर तलेगाव दाभाडे पुलिस की नाकाबंदी से चार आरोपी पकड़े गए। शेष आलांदी रूट से अहमदनगर की ओर भागे, जहां राहुरी पुलिस ने उन्हें घेर लिया। गिरफ्तारों में संजय भोसले (56), गौसपाक शेख (36), सोमीनाथ गायकवाड (50), अरविंद जॉजट (39), उमाशंकर पांडे (51), शरद मोहन (46), नरेश शर्मा (45) और लक्ष्मण धनवे (38) शामिल हैं।
यह कार्रवाई डीसीपी अतुल झेंडे, एसीपी कल्याणजी घेटे, वरिष्ठ पीआई हेमंत गुरख और पीआई गणेश न्हायदे के नेतृत्व में हुई। गिरोह लोगों को डराकर ठगी करता था। पुलिस ने ऐसी घटनाओं पर सतर्क रहने की अपील की है।