
मुंबई, 4 मार्च। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बुधवार को लिफ्ट निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। राज्य में 2.10 लाख लिफ्टें सक्रिय हैं और हाल ही में 25,000 नई मंजूर हुई हैं, जिसके कारण मौजूदा कर्मचारियों पर बोझ बढ़ गया है। इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार 519 नए पद सृजित कर रही है, हालांकि भविष्य में और जरूरत पड़ सकती है।
सदस्य निरंजन दावखरे और सचिन आहिर के सवालों का जवाब देते हुए सीएम ने बताया कि मुंबई की अग्नि सुरक्षा ऑडिट प्रणाली की तर्ज पर लिफ्ट जांच के लिए मान्यता प्राप्त थर्ड पार्टी सिस्टम लागू होगा। इसमें तकनीकी जांच अनिवार्य होगी और लिफ्ट में प्रमाणपत्र चस्पान करना जरूरी, जिसमें जांच की तारीख और वैलिडिटी स्पष्ट लिखी होगी।
वर्तमान सत्र में निरीक्षकों को अधिक शक्तियां देने वाला विधेयक पेश किया गया है, जिसे आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकेगा। साथ ही, रखरखाव मानक, जांच आवृत्ति, तकनीकी नियम और कंपनियों की जिम्मेदारियां तय करने हेतु उच्चस्तरीय समिति गठित होगी। इसमें बीएमसी कमिश्नर, अन्य निगम अधिकारी और बिजली विभाग के विशेषज्ञ शामिल होंगे। छह माह में नई कार्यप्रणाली तैयार हो जाएगी।
दूसरे सवाल पर निजी साहूकारों को लेकर सीएम ने कहा कि अवैध कर्ज गैरकानूनी हैं, शिकायत पर पूरा साथ। लाइसेंसधारी ब्याज के नियम तोड़ें तो लाइसेंस रद्द, आपराधिक केस और पीड़ितों को न्याय। यह कदम शहरी सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करेंगे।