
अमरावती। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मंच बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री ने नायडू की भगवान वेंकटेश्वर के प्रति भक्ति और मंदिर प्रबंधन में ईमानदारी पर सवाल उठाए।
करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र तिरुमाला मंदिर कलियुग के जीवित देवता भगवान वेंकटेश्वर का धाम है। इसकी पवित्र जिम्मेदारी ऐसे व्यक्तियों को सौंपी जानी चाहिए जिनमें अटूट श्रद्धा, बेदाग चरित्र और पूर्ण निष्ठा हो। जगन ने कहा कि नायडू ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए अपवित्र कर दिया है।
टीटीडी चेयरमैन बी.आर. नायडू पर लगे आरोपों का हवाला देते हुए जगन ने बताया कि चुनाव से पहले एक महिला ने नायडू को पत्र लिखकर चेयरमैन द्वारा धोखा और उत्पीड़न की शिकायत की थी। छोटे-मोटे कामों के लिए आने वाली महिलाओं को तंग किया जाता था, फिर भी नायडू ने इन आरोपों को नजरअंदाज कर उन्हें चेयरमैन बना दिया, जिससे मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंची।
जगन ने कहा, ‘सच्चा भक्त ऐसी नियुक्ति कभी नहीं करेगा।’ तिरुमाला लड्डू प्रसाद के घी विवाद में भी नायडू की लापरवाही उजागर हुई। उनके कार्यकाल में खारिज घटिया घी बाद में अलग नामों से स्वीकार कर लिया गया, जैसा सीबीआई-एसआईटी चार्जशीट में दर्ज है।
अब नायडू दूसरों पर दोषारोपण कर राजनीतिक विवाद खड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। घी की कीमतें पहले 278-330 रुपये प्रति किलो थीं, लेकिन 2025 में उनके करीबियों की कंपनी से 658 रुपये किलो पर खरीद की गई। इससे मंदिर की खरीद को निजी लाभ का साधन बनाया गया।
ये घटनाएं नायडू में भक्ति, ईमानदारी और निष्ठा की कमी को प्रमाणित करती हैं। आंध्र राजनीति में तिरुमाला मुद्दा गरमाता जा रहा है।