
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद में बुधवार को महत्वपूर्ण घोषणा की। राज्य में लापता महिलाओं को तलाशने के लिए विशेष सेल गठित किया जाएगा। इसकी कमान एडीजी स्तर की वरिष्ठ महिला अधिकारी संभालेंगी।
फडणवीस ने बताया कि यह सेल खोजी अभियानों की रूपरेखा तैयार कर उसे धरातल पर उतारेगी। पिछले एक साल में इन प्रयासों से लापता महिलाओं की बरामदगी में 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला अधिकारियों के नेतृत्व में नियमित बैठकें हो रही हैं और पूरे महाराष्ट्र में सघन अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रश्नकाल में निरंजन दावखरे के मूल प्रश्न पर भाई जगताप ने पूरक सवाल उठाए। सीएम ने आंकड़े साझा किए कि पहले साल में 55-60 प्रतिशत महिलाएं मिल जाती हैं, जो ढाई-तीन साल में 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। सरकार का लक्ष्य इसे 95-96 प्रतिशत करने का है। हर साल नई योजनाओं से अभियान को मजबूती दी जा रही है।
गृह राज्यमंत्री पंकज भोयार ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का जिक्र किया। जुलाई 2015 से दिसंबर 2024 तक 13 अभियानों में 41,193 लड़के-लड़कियां बरामद हुईं। जनवरी 20 से फरवरी 20 तक चल रहे 14वें अभियान में 16 फरवरी तक 1,401 बच्चे (454 लड़के, 947 लड़कियां) मिल चुके हैं।
लापता महिलाओं-बच्चों के लिए ‘ऑपरेशन शोध’ चलाया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा हेतु ‘निर्भया स्क्वॉड’, बढ़ी गश्त, ‘पुलिस अंकल-दीदी’ जैसी पहल और सभी थानों में हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। यह कदम महिलाओं की सुरक्षा को नई दिशा देंगे।