
भारतीय शॉट पुट की दुनिया में मनप्रीत कौर का जलवा लंबे समय से बरकरार है। पंजाब के पटियाला में 5 मार्च 1990 को जन्मीं मनप्रीत ने साधारण परिवार से निकलकर ऊंचाइयों को छुआ। पिता और चचेरा भाई एथलीट थे, जिनसे उन्हें खेल की प्रेरणा मिली। शुरुआत में 100 मीटर दौड़练 किया, लेकिन भाई की सलाह पर शॉट पुट की ओर मुड़ीं।
13 साल की उम्र में पिता का साया उठा, 16 की आयु में मां लकवाग्रस्त हुईं। इन विपत्तियों ने उनका हौसला नहीं तोड़ा। 2007 में ओस्ट्रोवा यूथ चैंपियनशिप में नौवां स्थान हासिल किया। तीन साल के ब्रेक के बाद 2010 में 18 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त किया।
2015 कोलकाता नेशनल्स में 17.96 मीटर के थ्रो से स्वर्ण, 2016 रियो ओलंपिक के लिए एकमात्र भारतीय महिला। 2017 जिन्हुआ एशियन ग्रैंड प्रिक्स में 18.86 मीटर—स्वर्ण, विश्व सत्र का बेस्ट और लंदन वर्ल्ड्स क्वालिफिकेशन।
उसी साल चार बार स्टेरॉयड टेस्ट पॉजिटिव आने से चार साल का बैन, पदक और रिकॉर्ड छिन गए। 2022 में शानदार वापसी कर नेशनल गोल्ड जीता। रेलवे में नौकरी निभाते हुए खेल जारी रखा, जो उनकी जज्बे की मिसाल है।