
बेंगलुरु में राजनीतिक तूफान उठा जब कर्नाटक भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर अनुसूचित जाति/जनजाति सब-प्लान के फंड में हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया। विपक्ष के नेता आर अशोक ने लोकसभा में राहुल गांधी से इस मुद्दे पर बोलने की मांग की है।
अशोक ने विधानसभा में खुलासा किया कि तीन लगातार बजटों में एससीएसपी-टीएसपी के 42,018 करोड़ रुपये में से करीब 35,000 करोड़ रुपये गारंटी योजनाओं में डायवर्ट कर दिए गए। इससे विकास कार्यक्रमों के लिए महज 7,000 करोड़ बचे, जो दलित-अदिवासी समुदायों के साथ ‘योजनाबद्ध लूट’ है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी योजनाओं के लिए बाध्यकारी 39,000 करोड़ रुपये का दुरुपयोग हो रहा है। मुख्यमंत्री के वित्तीय कुप्रबंधन को छिपाने के लिए ये फंड ‘निजी गुल्लक’ बनाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अशोक ने कहा, ‘जितनी आबादी उतना हक’ का नारा देने वाले नेता कर्नाटक के इस ऐतिहासिक अन्याय पर चुप हैं। क्या यह कांग्रेस की समानता की प्रतिबद्धता है?
भाजपा नेता ने चेताया कि 70 से ज्यादा संगठन विरोध के लिए तैयार हैं। सीएम सिद्धरमैया से आगामी बजट में फंड डायवर्जन रोकने का स्पष्ट वादा मांगा।
यह विवाद कर्नाटक की सियासत को नई धार दे रहा है, जहां भाजपा एससी/एसटी हितों की रक्षा का दावा कर रही है।