
ईरान की राजधानी तेहरान में बुधवार रात से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की याद में तीन दिनों का शोक समारोह आरंभ हो गया है। अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में उनकी शहादत के बाद यह आयोजन देशव्यापी एकजुटता का प्रतीक बनेगा।
ग्रैंड मोसल्ला में भारी संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दफन की तारीख अभी गोपनीय रखी गई है, लेकिन सरकारी मीडिया ने इसे राष्ट्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय करार दिया है।
उसी दिन विशेषज्ञ सभा ने खामेनेई के पुत्र मोजतबा को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया। युद्ध की स्थिति में वर्चुअल बैठकें आयोजित कर यह फैसला लिया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सभा के सदस्यों पर दबाव डाला। ईरान का गणतंत्र हमेशा वंशवादी शासन के खिलाफ रहा है, इसलिए यह चयन विवादास्पद है।
हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। शोक सभा के जरिए देश आघात से उबरने और नई नेतृत्व की ओर बढ़ने का संकल्प लेगा। विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचेंगे, जो एकता का संदेश देगा।
यह अवसर न केवल शोक का है, बल्कि ईरान के भविष्य की दिशा निर्धारित करने वाला भी। आईआरजीसी की भूमिका और सत्ता हस्तांतरण पर सवाल उठ रहे हैं।