
बार्सिलोना, स्पेन। मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत पवेलियन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत केवल अपने 1.4 अरब लोगों के लिए ही नेटवर्क नहीं तैयार कर रहा, बल्कि पूरी दुनिया को जोड़ने वाला भरोसेमंद डिजिटल पुल बना रहा है।
यह वैश्विक प्रौद्योगिकी और टेलीकॉम का प्रमुख मंच है, जहां सिंधिया ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना से प्रेरित होकर जोर दिया कि कनेक्टिविटी का लक्ष्य मानवता को सशक्त बनाना, साझेदारियों को मजबूत करना और साझा विकास को बढ़ावा देना है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब विश्व ‘आईक्यू दौर’ में कनेक्टिविटी की चर्चा कर रहा है, तब भारत बुद्धिमत्ता और इंफ्रास्ट्रक्चर के मेल पर अडिग है। यहां क्षमता कनेक्टिविटी से जुड़ती है और नवाचार समावेशिता से मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का टेलीकॉम परिवर्तन स्वदेशी अनुसंधान, भरोसेमंद पारिस्थितिकी, उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं पर टिका है।
इस बार भारत पवेलियन में 40 से अधिक कंपनियां शामिल हुईं, जो 4जी-5जी-6जी, ओपन रैन, उपग्रह संचार, सेमीकंडक्टर, एआई नेटवर्क, साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अग्रणी हैं। इससे भारत की क्षमताओं पर वैश्विक विश्वास स्पष्ट है।
सिंधिया ने अनंत सिस्टम्स, एक्सएस इंफोसोल, सिग्नलचिप, आरवी सॉल्यूशंस आदि के प्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी स्वदेशी तकनीकों की प्रशंसा की, जो भारत को आत्मनिर्भर बना रही हैं।
सरकार का मानना है कि यह प्रदर्शनी भारत की सुरक्षित नेटवर्क, एआई ढांचे और निर्यात बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारत डिजिटल दुनिया में नेतृत्व कर रहा है।