
भारतीय सिनेमा की दुनिया में कई कलाकारों ने अलग-अलग पेशों से आकर अपनी पहचान बनाई है। ऐसी ही एक हैं श्रद्धा दास, जिनका जन्म 4 मार्च 1987 को मुंबई के बंगाली परिवार में हुआ। मुंबई यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में डिग्री लेने के बाद उनका रुझान अभिनय की ओर हो गया। कॉलेज के दिनों में एनएसडी के कलाकारों संग थिएटर वर्कशॉप ने उन्हें एक्टिंग की बारीकियां सिखाईं।
2008 में तेलुगू फिल्म ‘सिद्धु फ्रॉम सिकाकुलम’ से डेब्यू किया। साउथ में ‘आर्या 2’, ‘डार्लिंग’, ‘नागावल्ली’ जैसी सुपरहिट्स में नजर आईं। सीक्वल फिल्मों में बार-बार आने से उन्हें ‘सीक्वल क्वीन’ का खिताब मिला। तमिल, कन्नड़, मलयालम और बंगाली सिनेमा में भी छाई रहीं।
बॉलीवुड में 2010 की ‘लाहौर’ से शुरुआत। ‘दिल तो बच्चा है जी’, ‘सनम तेरी कसम’ (रूबी रोल), ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’ जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग किरदार निभाए। उनकी खूबसूरती, डांस और तेज अंदाज ने दर्शकों को दीवाना बना दिया। 50 से अधिक फिल्मों के साथ वेब सीरीज और टीवी में भी सक्रिय।
मॉडलिंग से एक्टिंग तक का सफर श्रद्धा की मेहनत का प्रतीक है। साउथ की ऊर्जा और बॉलीवुड की चमक में वे दोनों जगह फिट बैठती हैं।