
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण नागरिक उड्डयन मंत्रालय सतर्क मोड में है। अब तक भारतीय विमानन कंपनियों ने 1,221 और विदेशी एयरलाइंस ने 388 उड़ानें रद्द कर दी हैं, कुल 1,609 उड़ानें प्रभावित।
मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय एयरलाइंस ने सतर्कता बरतते हुए शेड्यूल में बदलाव किया है। प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बचने के लिए लंबी दूरी की उड़ानों को वैकल्पिक रूट्स से चरणबद्ध ढंग से बहाल किया जा रहा है।
फंसे यात्रियों को घर लाने के लिए विशेष व्यवस्था हो रही है। एयरलाइंस अतिरिक्त विमान लगा रही हैं और विदेशी विमानन अधिकारियों व भारतीय दूतावासों से तालमेल कर रही हैं। आज 24 भारतीय उड़ानें चलीं, जबकि अमीरात व एतिहाद ने खाड़ी से 9 उड़ानें संचालित कीं।
4 मार्च को 58 उड़ानें प्लान की गई हैं—इंडिगो की 30 और एयर इंडिया समूह की 23। विदेशी एयरलाइंस सीमित सेवाएं दे रही हैं, जो हवाई क्षेत्र की स्थिति पर निर्भर।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। एयरलाइंस को पारदर्शी सूचना, रिफंड-रीशेड्यूलिंग नियमों का पालन करने के निर्देश हैं। किरायों पर भी नजर, अनुचित बढ़ोतरी रोकने को।
यात्रियों से सलाह: एयरलाइन से पुष्टि कर हवाई अड्डे जाएं, आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। मंत्रालय सभी पक्षों के साथ समन्वय में है—सुरक्षित संचालन व यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित। आगे अपडेट जारी होंगे।