
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा महिला सिविक वॉलंटियर के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आते ही राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वत: संज्ञान ले लिया है। दक्षिण उपनगरीय डिवीजन के एक थाने के प्रभारी ने फरवरी अंत में घटना को अंजाम दिया, जिसकी शिकायत पीड़िता ने रविवार को लिखित रूप में दर्ज कराई।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी पीयूष पांडे को निर्देश दिए हैं कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो, निष्पक्ष जांच हो, सबूत सुरक्षित रहें, विभागीय कार्रवाई हो और शिकायतकर्ता को प्रतिशोध से बचाया जाए। पांच दिनों में विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने का आदेश है, जिसमें थानों में यौन उत्पीड़न रोकने के उपाय भी शामिल हों।
आयोग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस कृत्य की कड़ी निंदा की। कहा कि यह संविधान, पीओएसएच एक्ट 2013 का उल्लंघन है, जो पीड़िता की गरिमा और समानता पर प्रहार करता है। वरिष्ठ पुलिसकर्मी का यह व्यवहार कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा डगमगाता है।
पुलिस मुख्यालय के स्रोतों के अनुसार, शिकायत मिलते ही विभागीय जांच शुरू हो गई। आरोपी को दूसरे थाने में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
सिविक वॉलंटियर सामुदायिक पुलिसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस घटना ने पुलिस विभाग में सत्ता के दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं। एनसीडब्ल्यू की निगरानी में न्याय जल्द सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और महिलाओं का विश्वास बना रहे।