
नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, ओमान और कुवैत के शीर्ष नेताओं के साथ फोन पर गहन चर्चा की। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वहां बसे करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा को भारत ने सबसे ऊपर रखा है।
ईरान और खाड़ी देशों के बीच चल रहे संघर्ष के कारण भारत लगातार सभी संबंधित पक्षों से जुड़ा हुआ है। मोदी ने इन नेताओं के साथ हालिया घटनाओं पर विचार साझा किए और संप्रभुता भंग करने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से बातचीत में पीएम ने क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भर्त्सना की। दोनों ने शांति के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर सहमति जताई। ओमान में भारतीय समुदाय को मिल रही मदद के लिए मोदी ने धन्यवाद दिया।
कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद से हुई वार्ता को मोदी ने सकारात्मक बताया। भारत कुवैत के साथ खड़ा है और संवाद के जरिए शांति की वकालत करता है। वहां भारतीयों की भलाई सुनिश्चित करने पर सराहना की।
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को ‘भाई’ कहकर संबोधित करते हुए मोदी ने एकजुटता दिखाई। संप्रभुता हनन की निंदा की और कूटनीति से स्थिरता बहाली पर जोर दिया। कतरी समर्थन के लिए आभार प्रकट किया।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी 2026 से ही भारत ने संयम की अपील की है। रमजान में बिगड़ते हालात चिंताजनक हैं। खाड़ी में एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
व्यापारिक रास्ते और ऊर्जा आपूर्ति इसी क्षेत्र से हैं, जहां व्यवधान अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचा सकता है। जहाजों पर हमलों में भारतीयों की हानि ने भारत को सतर्क कर दिया है। भारत हर कदम पर नजर रखे हुए है।