
झारखंड के देवघर जिले में जंगल के घने इलाके में छिपकर फर्जी कस्टमर केयर सेंटर चला रहे साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मंगलवार को विशेष अभियान में 11 अपराधियों को धर दबोचा गया, जो पूरे देश में लोगों को चूना लगा रहे थे।
गुप्त सूचना पर साइबर थाना और पथरौल थाने की टीम ने सरहैता गांव के पास जंगल में दबिश दी। वहां मोबाइल फोन व सिमकार्डों से फर्जी सर्विस चला रहे थे। गिरफ्तार चंदन कुमार, राहुल कुमार दास, कुंदन कुमार, दिवाकर महरा, जब्बार अंसारी, दीपक कुमार मंडल, प्रिंस कुमार मंडल, नीरज कुमार दास, संजय कुमार दास, रोहित कुमार यादव व एक अन्य राहुल कुमार दास हैं।
मौके से 11 मोबाइल, 12 सिम व 1.01 लाख रुपये बरामद हुए। नकदी नीरज के पास से मिली, जो हालिया ठगी से जुड़ी लग रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये गूगल पर बैंक व पेटीएम-फोनपे जैसे प्लेटफॉर्म के नंबर बदलकर ठगी करते थे।
पीड़ितों को इनाम का लालच देकर बैंक डिटेल्स व ओटीपी हड़प लेते थे। सभी के खिलाफ साइबर कानूनों में केस दर्ज, कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया। गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई साइबर अपराधों के नए ठिकानों को उजागर करती है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि संदिग्ध नंबरों पर कॉल न करें।