
नई दिल्ली। भारत-कनाडा संबंधों में आई गर्मजोशी और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत के फिर शुरू होने का अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) ने स्वागत किया है। संगठन का अनुमान है कि इससे कनाडा को परिधान निर्यात में जबरदस्त वृद्धि दर्ज होगी।
एईपीसी चेयरमैन डॉ. ए. शक्तिवेल ने कहा कि सीईपीए लागू होने पर अगले तीन वर्षों में कनाडा जाने वाला भारत का परिधान निर्यात दोगुना हो सकता है। वर्तमान में यह लगभग 250 मिलियन डॉलर है। साथ ही निवेश और रोजगार के व्यापक अवसर खुलेंगे।
डॉ. शक्तिवेल के अनुसार, यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को गति देगा और आर्थिक मजबूती पर आधारित निवेश को प्रोत्साहित करेगा। मजबूत रिश्तों से तकनीक हस्तांतरण, संयुक्त अनुसंधान, एआई व ऑटोमेशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उत्पादन क्षमता और वैश्विक मानकों का पालन बेहतर होगा।
परिषद ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा और पीएम मोदी के साथ सीईओ फोरम में उनके भाषण का सराहना की। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग मजबूत करने और सीईपीए को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
स्किलिंग व टैलेंट मोबिलिटी पर जोर देते हुए लोगों के रिश्तों को मजबूत करने की बात हुई। ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी की घोषणा हुई, जिसमें कैमेको 2027-35 तक भारत को 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम देगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीईपीए से 2030 तक व्यापार 70 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। राजनयिक स्टाफ बहाली और दिनेश के. पटनायक को उच्चायुक्त बनाने जैसे कदम संबंध सामान्यीकरण के संकेत हैं। यह साझेदारी भारत को नैतिक सोर्सिंग हब बनाएगी।