
वॉशिंगटन, 3 मार्च। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिका को लंबे युद्ध में नहीं उलझाना चाहते।
महीनों की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद ट्रंप को लगा कि तेहरान परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेगा। वेंस ने बताया, गर्मियों में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर से यूरेनियम संवर्धन केंद्रों को तबाह कर दिया गया। यह कदम अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान के लिए था।
ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में ईरान को कभी परमाणु शक्ति नहीं बनने देना चाहते। वेंस ने कहा कि ईरान हर हाल में हथियार बनाने को तULA है, इसलिए कार्रवाई जरूरी हुई। विदेश मंत्री रुबियो के सख्त कदमों के संकेत पर वेंस ने अमेरिकी सेना की ताकत का जिक्र किया।
हम ईरान के परमाणु ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं और खतरनाक मिसाइलें नष्ट कर सकते हैं। राष्ट्रपति के पास कई रास्ते खुले हैं। लेकिन ट्रंप अस्पष्ट, वर्षों लंबे संघर्ष में नहीं पड़ेंगे।
लक्ष्य बिल्कुल साफ है- ईरान के पास परमाणु बम न हो और वह भविष्य में इसे विकसित न करे। वेंस ने अफगानिस्तान के 20 साल के युद्ध और इराक की अस्पष्ट नीतियों से तुलना की। वर्तमान रणनीति सीमित और स्पष्ट है।
तेहरान में सत्ता परिवर्तन? अच्छा तो होगा, लेकिन मुख्य उद्देश्य नहीं। चाहे शासन बदले या न बदले, परमाणु खतरा ही प्राथमिकता है। ईरान के शांतिपूर्ण संवर्धन के दावे पर वेंस ने सवाल उठाए।
70 फुट गहराई वाले संयंत्र और अत्यधिक संवर्धन नागरिक उपयोग के लिए क्यों? ये तो हथियार बनाने के लिए हैं। 2015 के जेसीपीओए समझौते से अमेरिका के बाहर निकलने के बाद तनाव बढ़ा, लेकिन ट्रंप की नीति दृढ़ता पर टिकी है।