
वॉशिंगटन, 3 मार्च। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के बयान ने ईरान के खिलाफ चल रहे जबरदस्त सैन्य अभियान में छह सैनिकों की शहादत की पुष्टि की है। यह खबर मध्य पूर्व में तनाव की नई ऊंचाई को दर्शाती है।
कमांड ने बताया कि 2 मार्च को हुए संघर्ष में ये नुकसान हुआ। हाल ही में दो लापता सैनिकों के अवशेष बरामद किए गए। बड़े पैमाने के युद्ध अभियान बिना रुके चल रहे हैं और शहीदों की पहचान परिजनों को सूचित करने तक गुप्त रखी गई है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर 28 फरवरी को प्रारंभ हुआ। इसमें क्षेत्र में अब तक का सबसे घना सैन्य बल एकत्र किया गया है। पहले 48 घंटों में 1250 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए गए, जो ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने पर केंद्रित हैं।
तैनात हथियारों में बी-1, बी-2 बॉम्बर, एफ सीरीज के लड़ाकू विमान, ए-10 हमलावर, पैट्रियट-थाड मिसाइलें, परमाणु ऊर्जा वाले विमानवाहक पोत, विध्वंसक और एमक्यू-9 ड्रोन शामिल हैं। लक्ष्य: आईआरजीसी के कमान केंद्र, हेडक्वार्टर, वायु रक्षा, बैलिस्टिक मिसाइल स्थल, नौसेना जहाज व पनडुब्बियां।
ओमान की खाड़ी में ईरान की नौसेना का अस्तित्व समाप्त। दो दिन पूर्व 11 जहाज थे, अब शून्य। दशकों की धमकियां खत्म, होर्मुज से अरब सागर तक मुक्त नेविगेशन बहाल। वैश्विक तेल व्यापार सुरक्षित, भारत जैसे देश लाभान्वित। अमेरिकी सेना प्रतिबद्ध।