
कोलकाता। पूर्व भारतीय कप्तान और बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पश्चिम बंगाल में आयोजित सीआईआई कार्यक्रम में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने संजू सैमसन की वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रनों की शानदार पारी का उदाहरण दिया। कुछ ही समय पहले संजू की लगातार खराब फॉर्म की खबरें सुर्खियों में थीं, लेकिन क्वार्टर फाइनल में उनकी बल्लेबाजी ने सभी को चकित कर दिया। गांगुली ने कहा कि इस प्रदर्शन से साबित हुआ कि संजू को शुभमन गिल पर वरीयता क्यों दी गई।
‘हर नया दिन नई शुरुआत लाता है। अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें, सफलता आपके कदम चूमेगी,’ उन्होंने जोर देकर कहा। 1999 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया की वापसी का जिक्र करते हुए बताया कि चार हार के बाद उन्होंने छह मैच जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
क्रिकेट ने उन्हें जीवनभर का आत्मविश्वास दिया, जो आज भी काम आ रहा है। गांगुली ने कहा, ‘कोई पद स्थायी नहीं होता। न बीसीसीआई अध्यक्ष हमेशा रह सकते हैं, न कप्तान। हर काम महत्वपूर्ण है।’ उनके खेल से जुड़े व्यवसायी मित्रों से नियमित मुलाकात होती है।
ईडन गार्डन्स उनके दिल के करीब है। 13 साल की उम्र में यहां पहली पारी खेली, जब रणजी मैच के 100 रुपये मिलते थे। आज आईपीएल सीजन के 27 करोड़ का मुकाबला करें तो बदलाव साफ दिखता है। गांगुली का यह उपदेश जीवन की सच्चाई को दर्शाता है।