
पुराने लखनऊ के शिया बहुल इलाके में सोमवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर गहन श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने वरिष्ठ शिया विद्वान मौलाना कल्बे जवाद से भेंट कर शोक संदेश पहुंचाए।
अजय राय ने खामेनेई की दृढ़ता की सराहना करते हुए कहा कि कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनके साहस और निष्ठा ने विश्व पटल पर अमिट छाप छोड़ी है। यह शहादत प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण वैश्विक हस्ती के जाने पर कोई आधिकारिक संवेदना न जताना दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत की परंपरा हमेशा संवाद और सम्मान की रही है, फिर यह मौन कई सवाल पैदा करता है।
भारत-ईरान के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र करते हुए राय ने कहा कि सदियों से दोनों देशों के सांस्कृतिक, व्यापारिक और राजनयिक बंधन मजबूत हैं। लेकिन वर्तमान नीतियों ने इन्हें कमजोर किया है। विदेश नीति में संतुलन और मानवीय मूल्यों को स्थान देना जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने भी शोक प्रकट किया। कांग्रेस ने वैश्विक शांति के लिए संवाद को बढ़ावा देने का आह्वान किया। यह दौरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक बना, बल्कि कूटनीतिक सक्रियता की मांग को भी बल दिया।