
नई दिल्ली में सोमवार को हुए उच्च स्तरीय द्विपक्षीय सम्मेलन ने भारत और कनाडा के बीच संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी का पहले भारत दौरे पर हार्दिक स्वागत किया। हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद मोदी ने एक्स पर पोस्ट साझा कर कहा कि इस मुलाकात ने दोनों देशों की मित्रता में भरोसा और सकारात्मकता का संचार किया है।
मोदी ने कार्नी की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि हमारी चर्चा लोगों के हित में रिश्तों को मजबूत बनाने पर केंद्रित रही। कार्नी ने भी उत्साह जताया, बताते हुए कि हाल के वर्षों में दोनों सरकारों का जुड़ाव दो दशकों से अधिक का रिकॉर्ड तोड़ चुका है। उन्होंने इसे नई मंशा और दूरदृष्टि वाली साझेदारी बताया।
मुख्य आकर्षण रही रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी की शुरुआत। ऊर्जा व्यापार बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग गहरा होगा- पवन, सौर और हाइड्रोजन। कार्नी ने 2050 तक कनाडा के ग्रिड को दोगुना करने के प्लान का जिक्र किया, जिसमें भारत प्रमुख भागीदार बनेगा। ये समझौते कामगारों, कारोबारियों और भावी पीढ़ियों के लिए अवसर खोलेंगे तथा पृथ्वी की रक्षा करेंगे।
इससे पूर्व कार्नी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से भेंट की, जिन्होंने साझेदारी मजबूत करने के संकल्प की प्रशंसा की। संबंध सामान्यीकरण के महत्वपूर्ण पड़ाव पर हैं, जहां आपसी सम्मान, जन-जन संपर्क और आर्थिक पूरकता आधार बनेगी। दोनों पीएम रचनात्मक साझेदारी बढ़ाने पर एकमत हुए।
यह दौरा भारत-कनाडा के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है, जो वैश्विक पटल पर मजबूत लोकतंत्रों की मिसाल पेश करेगा।