
नई दिल्ली में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। वैश्विक संकटों के बीच ईरान की स्थिति प्रमुख मुद्दा बनी।
विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कार्नी की यात्रा पर विशेष संक्षिप्तिकरण में बताया कि पीएम मोदी ने भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र की ताजा घटनाओं पर गहन चिंता जताई। उन्होंने सभी पक्षों से उत्तेजना से बचने और संवाद-कूटनीति से हालात सुधारने का आह्वान किया। तनाव घटाने व मूल समस्याओं के हल के लिए बातचीत जरूरी है, उन्होंने जोर दिया।
सभी देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान अनिवार्य है। क्षेत्रीय दूतावास भारतीयों व संगठनों से जुड़े हैं, सतर्कता, संपर्क बनाए रखने व स्थानीय निर्देश पालन की सलाह दे रहे हैं।
संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक तनावों पर भारत का रुख साफ है- शांति व स्थिरता। दो लोकतंत्रों का एकजुट होना शांति की पुकार को बुलंद करता है। पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है, भारत संवाद का समर्थन करता है व नागरिक सुरक्षा हेतु क्षेत्रीय देशों से सहयोग बढ़ाएगा।
यह बयान अमेरिका-इजरायल के ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों के बाद आया, जो मिसाइल क्षमता को निशाना बना रहे हैं। भारत की शांति अपील वैश्विक मंच पर गूंज रही है।