
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली जंग में बदल चुका है। फरवरी 2026 के आखिर में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिका-इजरायल गठजोड़ ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर भारी हमले बोले। हवाई, मिसाइल और समुद्री कार्रवाई ने क्षेत्र को अस्थिर कर दिया।
इस मिशन की जान तीन बी-1बी लांसर बॉम्बर थे, जो अमेरिकी धरती से सीधे ईरान के गहरे मिसाइल भंडारों और बंकरों पर रात के अंधेरे में हमला करने उड़े और लौट आए। ओपन-सोर्स फ्लाइट डेटा विश्लेषकों ने इसकी पोल खोली।
मिलिट्री एयर ट्रैकिंग अलायंस की 30 सदस्यों वाली टीम ने सबसे पहले इसे उजागर किया। इन बॉम्बर्स ने बिना रुके लंबी दूरी तय की। एक्सियोस को एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि हमले बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स और कमांड सेंटर्स पर हुए।
बी-1 दुनिया के सबसे घातक विमान हैं, जो रडार चकमा देकर 75,000 पाउंड बंकर-बस्टर बम लाद सकते हैं। पहले 24 घंटों में 1,000 से ज्यादा निशाने साधे गए।
ईरान ने ड्रोन-मिसाइल से जवाब दिया, जिसमें चार अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए। वैश्विक बाजार हिल गए, तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। यह संघर्ष दुनिया की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।