
चेन्नई। करूर विवाद के बाद अपनी रणनीति में बदलाव लाते हुए तमिलागा वेट्ट्री कड़गम (टीवीके) के नेता विजय 4 मार्च को तंजावुर जिले के चेंगीपट्टी में एक प्रमुख कार्यकारी बैठक आयोजित करेंगे। यह जिला स्तरीय सम्मेलन आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस ने बैठक की अनुमति दे दी है और इसमें जिले भर से करीब 5,000 पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। पहले की भव्य रैलियों से हटकर इस बार विजय संगठनात्मक संरचना पर फोकस कर रहे हैं, जहां कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और जमीनी मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
यह बैठक 23 फरवरी को वेल्लोर के पल्लीकोंडा में हुई समान बैठक के बाद आ रही है। वहां विजय ने कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से हर कार्यकर्ता से मिलना चाहते हैं। साथ ही, विपक्षी भूमिका निभाते हुए सरकार पर सवाल उठाने पर साजिशों का शिकार हो रहे हैं। सत्ता में आने पर हर गांव का दौरा करेंगे।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के दिल्ली से जोड़ने वाले बयान पर पलटवार करते हुए विजय ने कहा, ‘दिल्ली में चुनाव लड़ रहे हो क्या? तमिलनाडु के लोग चुनाव की बारीकियां जानते हैं।’ कार्यकर्ताओं ने तालियों से समर्थन दिया।
तंजावुर बैठक से टीवीके का संगठन मजबूत होगा, कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ेगा और अनुशासित चुनावी तैयारियां होंगी। यह रणनीति पार्टी को रैलियों से आगे ले जाकर आंतरिक शक्ति संचय की ओर इशारा करती है।