
मुंबई। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने मध्य पूर्व में तेज होते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने साफ कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है और अब कूटनीति से ही हालात संभाले जा सकते हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है।
भारी बमबारी और मिसाइल हमलों की खबरें हर तरफ हैं। खासकर ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की कथित मौत ने भारत के शिया समुदाय में शोक की लहर दौड़ा दी है। ऐसे में गृह मंत्रालय का हाई अलर्ट गंभीरता से लेना जरूरी है। निरुपम ने महाराष्ट्र पुलिस से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाड़ने का मौका न दें।
राज्यसभा चुनावों को लेकर महाविकास आघाड़ी में चल रही उठापटक पर भी उन्होंने निशाना साधा। गठबंधन में हर चुनाव से पहले वैसी ही खींचतान देखने को मिलती है, जैसी लोकसभा, विधानसभा और निगम चुनावों में हुई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार को आगे बढ़ा रही है, तो उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस भी पीछे नहीं हट रहे।
निरुपम ने चेतावनी दी कि अगर तीनों दल एकजुट नहीं हुए तो राज्यसभा सीटें गंवा सकते हैं। आपसी कलह से दूसरे दलों को फायदा हो सकता है। मिडिल ईस्ट का संकट और घरेलू राजनीति की उलझनें भारत के लिए दोहरी चुनौती पेश कर रही हैं। निरुपम का बयान सुरक्षा और एकता पर जोर देता है।