
नई दिल्ली में सोमवार को भारत-जापान के बीच विकास साझेदारी को नई ऊंचाई प्रदान करते हुए नीति आयोग और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में ‘जापान-भारत सहकारी परियोजना – चरण द्वितीय’ के लिए चर्चा अभिलेख पर हस्ताक्षर किए।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव एवं आकांक्षी जिला-ब्लॉक कार्यक्रम के मिशन निदेशक रोहित कुमार तथा जेआईसीए इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि ताकेउची ताकुरो उपस्थित रहे। यह समझौता दोनों देशों की मजबूत साझेदारी को रेखांकित करता है तथा आकांक्षी जिलों (एडी) और आकांक्षी ब्लॉकों (एबी) में एसडीजी प्राप्ति के लिए संयुक्त प्रयासों को प्रोत्साहित करता है।
रोहित कुमार ने कहा कि इस साझेदारी में संस्थागत क्षमता, साझा विशेषज्ञता और स्थानीय अनुभव का अनूठा संगम है, जिसका लक्ष्य वंचित क्षेत्रों में समावेशी विकास को तेज करना है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के तहत यह परियोजना वैश्विक साझेदारी, स्वास्थ्य-पोषण, शिक्षा, कृषि-जल संसाधन, वित्तीय समावेशन-कौशल विकास तथा बुनियादी ढांचे जैसे छह क्षेत्रों पर केंद्रित है।
परियोजना में नीतिगत संरचनाओं को मजबूत करना, कार्यान्वयन तंत्र सुधारना, संस्थागत क्षमता निर्माण, बेहतर निगरानी-मूल्यांकन तथा एसडीजी का प्रभावी स्थानीयकरण शामिल है। प्रमुख गतिविधियों में जन-जन आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण कार्यशालाएं, जापान-भारत ज्ञान मंच, सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान-प्रसार तथा लक्षित जिलों-ब्लॉकों को सहायता प्रदान करना सम्मिलित हैं।
ताकेउची ताकुरो ने एडीपी-एबीपी के सफल क्रियान्वयन की प्रशंसा की तथा भारत की जिला-ब्लॉक स्तरीय निगरानी प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर श्रेष्ठ बताया। उन्होंने इस परियोजना को परस्पर लाभकारी सहयोगी पहल करार दिया। यह चरण द्वितीय निश्चित रूप से आकांक्षी क्षेत्रों में सतत प्रगति का नया आयाम स्थापित करेगा।