
मध्य पूर्व में उफान पर तनाव ने ईरान के इस्फहान में पढ़ने वाले भारतीय मेडिकल छात्रों को दहशत में डाल दिया है। इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज की छात्रा फातिमा ने वीडियो के जरिए खुलासा किया कि करीब 25-30 छात्र चिंता के साये में जी रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार से गुजारिश की है कि हालात सुधरने तक उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाया जाए या देश वापस लाया जाए।
फातिमा ने बताया कि पढ़ाई के बोझ ने उन्हें पहले लौटने से रोका। कक्षाएं, परीक्षाएं, अस्पताल ड्यूटी और क्लिनिकल टूर ने रुकना जरूरी बना दिया। अब प्रथम-द्वितीय वर्ष के सेमेस्टर ऑनलाइन हो गए हैं, जिससे घर जाने और अप्रैल में परीक्षा के लिए लौटने का रास्ता खुला। लेकिन अंतिम वर्ष के छात्रों को रोजाना अस्पताल जाना अनिवार्य है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हॉस्टल में कैद रहने की हिदायत दी, मगर मौजूदा कमरों खाली कराने का दबाव भी डाल रहा। कई छात्र निजी मकानों में हैं, सीमित संसाधनों पर निर्भर। दुकानें बंद, ऑर्डर असंभव, बाहर निकलना वर्जित। वे एक-दूसरे से सामान बांटकर गुजार रहे। इंटरनेट रुक-रुक कर आता है, परिवार से बात मुश्किल।
कैंपस के पास धमाकों की गूंज ने भय दोगुना कर दिया। फातिमा बोलीं, ‘हॉस्टल भी सुरक्षित नहीं लगता। चारों तरफ अनिश्चय।’ भारत में परिजन खबरों पर नजर रखे चिंतित। छात्रों ने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।