
नई दिल्ली। विनिर्माण और बिजली क्षेत्रों की मजबूत बढ़त के दम पर जनवरी में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत चढ़ा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सोमवार को जारी आंकड़ों में त्वरित अनुमान 169.4 बताया, जो जनवरी 2025 के 161.6 से बेहतर है।
इस वृद्धि का श्रेय मुख्यतः विनिर्माण क्षेत्र को जाता है, जहां 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, वहीं बिजली उत्पादन में 5.1 प्रतिशत की छलांग लगी। खनन क्षेत्र 3.2 प्रतिशत बढ़ा। क्षेत्रीय सूचकांक जनवरी 2026 में खनन 157.2, विनिर्माण 167.2 तथा बिजली 212.1 पर पहुंचे।
विनिर्माण के 23 में से 14 उद्योग समूहों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। शीर्ष योगदानकर्ता बुनियादी धातुएं (13.2%), मोटर वाहन व ट्रेलर (10.9%) तथा अन्य गैर-धात्विक खनिज उत्पाद (9.9%) रहे।
उपयोग आधारित वर्गीकरण में प्राथमिक वस्तुएं 167.9, पूंजीगत 124.4, मध्यवर्ती 182.8, आधारभूत संरचना व निर्माण सामग्री 227.7, उपभोक्ता टिकाऊ 138.2 तथा गैर-टिकाऊ 160.7 पर रही।
दिसंबर में 7.8% की रिकॉर्ड वृद्धि के बाद यह लगातार दूसरा मजबूत महीना है, जब 23 में 16 समूहों ने बढ़त दिखाई। धातु, ऑटो, फार्मा व रसायन प्रमुख थे। यह रुझान अर्थव्यवस्था की मजबूती दर्शाता है, हालांकि पूंजीगत वस्तुओं की सुस्ती निवेश पर सतर्कता बता रही है। आगे के आंकड़े विकास की दिशा तय करेंगे।