
बॉलीवुड संगीत की दुनिया में सलीम मर्चेंट का नाम एक जादू की तरह गूंजता है। ‘इश्क वाला लव’, ‘शुक्रिया अल्लाह’ और ‘जिगर दा टुकड़ा’ जैसे हिट गानों की आवाज देने वाले सलीम का जन्म 3 मार्च को मुंबई में हुआ। उनके घर में बचपन से ही संगीत का राज था, क्योंकि पिता स्वयं एक कुशल संगीतकार और कीबोर्ड वादक थे। पिता को कीबोर्ड पर उंगलियां नचाते देख सलीम के मन में संगीत की ललक जागी। उन्होंने खुद कहा था, ‘मैंने हमेशा पिताजी के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश की।’
सलीम ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ पाश्चात्य शास्त्रीय संगीत और सिंथेसाइजर की बारीकियां सीखीं। इस मिश्रण ने उनके गीतों को पॉप, सूफी और कव्वाली का अनोखा संगम दिया। भाई सुलेमान के साथ जोड़ी बनाकर उन्होंने ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘फैशन’ जैसी फिल्मों के लिए धांसू धुनें रचीं। 2010 फीफा विश्व कप का आधिकारिक एंथम भी इन्हीं का कमाल था।
लेडी गागा के ‘बॉर्न दिस वे’ और ‘जुडास’ को रीमिक्स करने से लेकर बॉलीवुड में ‘रब राखा’, ‘मरजावां’, ‘मौला ले ले मेरी जान’ और ‘ओ रे पिया’ जैसी रचनाओं तक, सलीम का योगदान अपार है। ‘इंडियन आइडल’ में जजिंग भी की। सलीम का सफर साबित करता है कि पारिवारिक प्रेरणा से वैश्विक ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।