
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची से नाम कटौती के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छह मार्च को कोलकाता के एस्प्लेनेड में धरना देने वाली हैं। इस घोषणा पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कड़ा प्रहार किया है।
मजूमदार ने कहा, ‘टीएमसी प्रमुख धरना देना चाहती हैं तो दें, जनता उनकी असलियत जानती है। वे बांग्लादेशी रोहिंग्या, घुसपैठियों और मृत मतदाताओं के नाम बचाने के लिए लड़ रही हैं।’
इससे पहले टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव हारने के डर से चुनाव आयोग के जरिए मतदाता सूची में हेराफेरी कर रही है।
अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक करोड़ से ज्यादा नाम काटने का लक्ष्य पहले ही तय कर लिया था। एस्प्लेनेड धरना 2008 के 26 दिवसीय अनशन वाली जगह पर होगा। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि एसआईआर में चिह्नित बांग्लादेशी-रोहिंग्या सूची सार्वजनिक क्यों नहीं?
यह पूरा विवाद भाजपा का गढ़ा हुआ है। अभिषेक ने चेतावनी दी कि इतने बड़े पैमाने पर नाम कटवाना लोकतंत्र के खिलाफ है। एसआईआर से कई मौतें हुईं, आयोग ने भाजपा के इशारे पर तार्किक विसंगतियों के नाम पर नाम काटे।
राज्य में राजनीतिक तापमान चरम पर है। ममता का धरना बड़ी जनरैली का रूप ले सकता है, जबकि भाजपा इसे घुसपैठिए समर्थन बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाएगा।