
लखनऊ में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की कथित हत्या के बाद शिया समुदाय के विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे। उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई की मौत के बाद उनके समर्थक दुनिया भर में सड़कों पर उतर आए हैं।
कांग्रेस ने पीएम मोदी के इजरायल दौरे को जोड़ते हुए आरोप लगाया कि उन्हें हमले की जानकारी थी। पार्टी ने मुस्लिम नेता की हत्या को गलत ठहराया और अमेरिका की मनमानी तथा मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। भारत विश्व गुरु बनने का दावा करता है, फिर यह खामोशी क्यों?
राजभर ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए बताया कि मोदी जी विदेश यात्राओं पर हमेशा बुद्ध की धरती से शांति का पैगाम लाते हैं। व्यापार, विकास और एकता पर जोर देते हैं, झगड़े से बचने की अपील करते हैं।
प्रधानमंत्री ने इजरायल के पीएम से बातचीत में निर्दोषों की रक्षा पर बल दिया। राजभर ने इसे जिम्मेदाराना कदम कहा, दोषियों पर कार्रवाई जरूरी लेकिन निर्दोषों को नुकसान न हो।
महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर राजभर ने कड़ा ऐतराज जताया। ओवैसी भाई की पुलिस हटाने वाली धमकी को उन्होंने बेतुका बताया। ऐसी बकवास से विवाद बढ़ता है, समाधान नहीं मिलता।
लखनऊ की सड़कों पर तनाव के बीच राजभर का बयान संयम बरतने का संदेश देता है।