
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरों ने जम्मू-कश्मीर को तनावग्रस्त कर दिया है। सोमवार को श्रीनगर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जो जल्द ही हिंसक हो गए। सुरक्षा बलों को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठियां चलानी पड़ीं।
पूरे कश्मीर में सतर्कता बरतते हुए पाबंदियां लगा दी गई थीं। भारी सुरक्षा बल तैनात थे, फिर भी लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस ने कड़े कदम उठाए। तस्वीरें बताती हैं कि कैसे गैस के गोले छोड़े गए और लाठियां भांजी गईं।
श्रीनगर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई हैं। सभी परीक्षाएं रद्द, स्कूल-कॉलेज 3 मार्च तक बंद। प्रशासन ने साफ आदेश जारी किया है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा समीक्षा बैठक की और शांति की अपील की। एक्स पर उन्होंने लिखा कि सभी समुदाय संयम बरतें।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता जताई। उनके कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया कि ईरान घटनाओं से गहरी चिंता है, शांति बनाए रखें।
यह घटना क्षेत्र की नाजुक स्थिति को उजागर करती है, जहां वैश्विक घटनाएं स्थानीय आग भड़का सकती हैं। प्रशासन सतर्कता से हालात संभाल रहा है।